Tuesday, March 10, 2020

लडाई झगडे का आरोपी चार महीने बाद पकडा

               
 संसारपुर टैरेस - थाना देहरा के अधीन संसारपुर टैरेस चौकी के अंतर्गत लडाई झगडे के मामले में फरार चल रहे युवक को आज संसारपुर टैरेस पुलिस ने उसके कोटला से गिरफ्तार कर लिया । प्राप्त जानकारी के अनुसार नवम्बर महीने में गांव के ही बजुर्ग से लडाई झगडा कर आरोपी युवक रवि कुमार सुपुत्र दौलतराम निवासी कोटला खास उसी दिन से फरार चल रहा था जिसे आज संसारपुर टैरेस पुलिस के ए. एस. आई संजीव कुमार, हेड कांस्टेबल अजय, एच. एच. सी राजेन्द्र व गौरव ने गुप्त सूचना मिलने पर कोटला से आज गिरफ्तार किया । पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी युवक तलबाडा से कोटला की तरफ जा रहा है जिसे पुलिस ने कोटला से गिरफ्तार कर लिया व आरोपी युवक को  बाद में जमानत पर रिहा किया गया ।


 खबर हिमाचल की तरफ से आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं

Saturday, March 7, 2020

6.90 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली भरवाईं-चिन्तपूर्णी-समनोली बाईपास सड़क शिलान्यास किया गया



जसवा प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र में आज उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर  ने 6.90 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली  भरवाईं-चिन्तपूर्णी-समनोली  बाईपास  सड़क का शिलान्यास किया तथा स्थानीय क्षेत्र के लोगों की जन समस्याएं भी सुनीं । अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया गया । विधानसभा अध्यक्ष बनने के उपरांत पहली बार जिला कांगड़ा पधारने पर माननीय विपिन सिंह परमार जी का स्वागत किया


Himachal Budget 2020: स्‍कूल में बच्‍चों को मिलेंगे फल और दूध, शिक्षा क्षेत्र के लिए आठ हजार करोड़ का प्रावधान

 हिमाचल में शिक्षा के क्षेत्र में 8 हजार 16 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। इसके तहत कंप्यूटर शिक्षकों के मानदेय में 10 फीसद का इजाफा किया जाएगा। मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय में 300 में बढ़ोतरी की है। राज्य में वर्तमान में 703 विद्यार्थी वोकेशनल कोर्स अंतिम वर्ष में पढ़ रहे हैं। इन विद्यार्थियों की प्लेसमेंट के लिए व्यवस्था की जाएगी। मेघा प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश के मेधावी छात्रों को व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मिड डे मील में मिलेगा दूध और ताजे फल
सरकारी स्कूलों के बच्चों का मिड-डे मील अब और ज्यादा पौष्टिक होगा। छात्रों के लिए पकाए जाने वाले खाने को डबल फोर्टिफाइड नमक (आयरन व आयोडीन युक्त) और फोर्टिफाइड एडिबल ऑयल (विटामिन ए और डी) में पकाया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट में इसकी घोषणा की। छात्रों को अब मिड डे मील में सप्ताह में एक बार दूध और ताजे फल भी खाने को दिए जाएंगे, ताकि वह स्वस्थ रहें। राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए प्री प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को भी मिड डे मील की सुविधा मिलेगी। मिड डे मील के लिए 90 फीसद बजट केंद्र सरकार से आता है 10 फीसद बजट राज्य सरकार देती है। प्रदेश में 15516 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक 4,97,774 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिन्हें मिड-डे मील परोसा जाता है।

भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे पर बारिश का साया, दो दिन खराब रहेगा मौसम

धर्मशाला में होने वाले एक दिवसीय मैच पर बारिश का साया पड़ता दिख रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 11 और 12 मार्च को मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। प्रदेश के मैदानी, मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। इससे पहले भी 15 सितंबर 2019 को भारत और साउथ अफ्रीका के मध्य एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में खेला जाने वाले टी-20 मैच भारी बारिश के कारण रद्द करना पड़ा था।
वहीं अब 2019 के बाद एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला को किसी मैच के मेजबानी करने का मौका मिला है, लेकिन मौसम विभाग ने बारिश का पूर्वानुमान जारी कर क्रिकेट प्रेमियों को असमंजस में डाल दिया है कि वे मैच के लिए टिकट खरीदें या नहीं।

वहीं, इसका असर 12 मार्च को होने वाले अंतरराष्ट्रीय मैच को लेकर टिकटों की हो रही बिक्री पर भी साफ दिख रहा है। एचपीसीए की ओर से ऑफलाइन टिकटें काउंटर पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं, लेकिन 850 रुपये की टिकट को छोड़ कर 1200 रुपये से 10 हजार रुपये तक की सभी टिकटें क्रिकेट प्रेमियों को उपलब्ध हो रही हैं। बावजूद इसके काउंटर पर क्रिकेट प्रेमियों की कम ही भीड़ देखने को मिल रही है। 

अब मैच के दौरान बारिश खलल न डाले इसके लिए एचपीसीए प्रबंधन को अब बारिश के देवता इंद्रुनाग की शरण में जाने के अलावा कोई भी रास्ता नहीं बचा है। इसी के चलते एचपीसीए प्रबंधन सात मार्च को देवता इंद्रुनाग के मंदिर में विशेष हवन-पाठ करेगा और भंडारे का आयोजन करेगा, जिसकी सभी तैयारियां एचपीसीए प्रबंधन ने कर ली हैं।

चंबा में खाई में गिरी कार, दो की मौत, एक गंभीर घायल------


हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए हादसे में दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक गंभीर घायल है। घायल का अस्पताल में उपचार चल रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक पंजाब नंबर की कार पीबी 11 आर 1984 सिल्लाघराट सड़क मार्ग पर नंदगांव के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में जा गिरी।हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। हादसे की सूचना मिलते सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को खाई से बाहर निकाला। गंभीर घायल को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। एसपी डॉ. मोनिका ने बताया कि दो लोगों की मौत हुई है जबकि एक गंभीर घायल है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।मृतकों की पहचान रोशन दीन (32) सुपुत्र फतेह मुहम्मद निवासी गांव माण डाकघर सिल्लाघराट तहसील व जिला चंबा, कार का चालक हुसैन (45) सुपुत्र हुसैन बक्श निवासी गांव गुलेड डाकघर सिल्लाघराट तहसील व जिला चंबा के रूप में हुई है।घायल सहाबुद्दीन (26) सुपुत्र नूर जमाल निवासी गांव माण डाकघर सिल्लाघराट तहसील व जिला चंबा को टांडा अस्पताल रेफर किया गया है। रफी मुहम्मद (32) सुपुत्र इस्माइल निवासी गांव गुलेड डाकघर सिल्लाघराट तहसील व जिला चंबा का क्षेत्रीय अस्पताल में उपचार चल रहा है।

सुरिन्द्र मनकोटिया ने कहा- हिमाचल प्रदेश सरकार का मार्च टवंटी का बजट टवंटी-टवंटी मैच की तरह ही खत्म


कर्मचारी कल्याण बोर्ड  के पूर्व उपाध्यक्ष सुरिन्द्र मनकोटिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार का मार्च टवंटी का बजट टवंटी-टवंटी मैच की तरह ही  खत्म हो गया।  नाम मात्र दिहाड़ी और मानदेय बढ़ाने जो कांग्रेस की सरकारों के समय से ही बढ़ाने की परम्परा चली आ रही है के सिवाए किसी भी श्रेणी के लिए कुछ नहीं किया। हां,
एक नया रिकार्ड बनाया कि मुख्यमंत्री ने 25 जनवरी  50वें पूर्ण राजस्व दिवस के अवसर पर झंझुता में दिए गये 5% डीए को दोबारा दे दिया।बंदरों , आवारा पशुओं और जंगली जानवरों की वजह से किसानों और बागवानों ने फसल वोना बंद कर दी है जिस कारण वो कर्ज में डुबे हैं पर बजट में इस संकट से निपटने के लिए तथा किसानों के  उत्थान के लिए कुछ नहीं किया।2004 के बाद लगे  कर्मचारियों की पुरानी पैंशन स्कीम की पुनर्वहाली पर, सैंटर के पैट्रन पर पे रवीजन पर, 4-9-14 वर्ष बाद मिलनेवाली वेतनवृद्धि पर, पैंशनरज़ की 5-10-15 वर्ष बाद मिलने वाली वेतनवृद्धि को मूल पैंशन में सम्मिलित करने पर तथा भत्ते जो सालों से नहीं बढ़े हैं उन्हें बढ़ाने पर  बजट में कोई बात नहीं कही गई। मनकोटिया ने आगे कहा कि बजट में बेरोजगारी को दूर करने के लिए, युवाओं को  नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए, महिला सुरक्षा के लिए, अपराध, खनन माफिया, वन माफिया ड्रग और नशा माफिया पर अंकुश लगाने के लिए, रसोई गैस व रसोई घर से सम्बंधित वस्तुओं की किमतों को कम करने के लिए इस बजट में कु छ नहीं है।वेस्टर्स मीट को बजट में भी  महिमामंडित किया  परन्तु परिणाम की कोई झलक  नजर नहीं आ रही क्योंकि न बड़े औद्योगिक घराने आए न रोजगार आया।  भय व डर के माहौल और बिगड़ती अर्थव्यवस्था के कारण कोई निवेश करने को तैयार ही नहीं। कुल मिलाकर बात की जाए तो किसी को भी इस बजट से कुछ नहीं मिला। यह सिर्फ आंकड़ों की जादूगरी  है। जिस कारण हिमाचल का हर वर्ग और तवका नाराज है।

Wednesday, March 4, 2020

हिमाचल में एक हजार पदों पर भर्ती, तीन अप्रैल तक करें ऑनलाइन आवेदन

हिमाचल प्रदेश चयन आयोग हमीरपुर ने टीजीटी और पुलिस विभाग में स्टेनो टाइपिस्ट समेत विभिन्न श्रेणियों के पदों को भरने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों से 5 मार्च से 3 अप्रैल के बीच ऑनलाइन आवेदन मांगे हैंसामान्य श्रेणी के लिए आवेदन शुल्क 360 रुपये है। सामान्य श्रेणी आईआरडीपी, दिव्यांग, स्वतंत्रता सेनानी और भूतपूर्व सैनिक वार्ड, एससी, एसटी, ओबीसी और बीपीएल के लिए 120, जबकि महिला और भूतपूर्व सैनिकों के लिए कोई भी आवेदन शुल्क नहीं है।सबसे अधिक 307 पद टीजीटी आर्ट्स के भरे जाएंगे। प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड में जूनियर ऑफिसर आईटी के 5 पद, जूनियर ऑफिसर निरीक्षण, ट्रेनिंग एंड पीएंड विभाग में 5 पद, जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर के 5, हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम में पर्यवेक्षक और कार्य निरीक्षक के 2 पद, मत्स्य पालन विभाग में  उपनिरीक्षक का एक पद, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में मेडिकल लैब तकनीशियन के 154 पद भरे जाएंगे।फार्मासिस्ट के 19 पद, लैब असिस्टेंट के 11 पद, रेडियोग्राफर के 80 पद, उद्यानिकी विभाग में जूनियर टेक्नीशियन के 7 पद, राज्य निर्वाचन आयोग में असिस्टेंट प्रोग्रामर का एक पद, हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम में पर्यवेक्षक का एक पद, सीनियर असिस्टेंट अकाउंट के तीन 
पद, ऑपरेटर के 5 पद, तकनीकी शिक्षा, वोकेशनल और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग में कंप्यूटर असिस्टेंट के 10 पद, वर्क इंस्पेक्टर के 3 पद और छात्रावास अधीक्षक के 4 पद, पुलिस विभाग में स्टेनो टाइपिस्ट के 32 पद, लोनिवि में जूनियर ड्राफ्ट्समैन का एक पद, प्रारंभिक शिक्षा विभाग में टीजीटी मेडिकल के 136 पद, टीजीटी नॉन मेडिकल के 144 और टीजीटी आर्ट्स के 307 पद भरे जाएंगे।प्रदेश के विभिन्न विभागों में 24 श्रेणियों के अंतर्गत  इच्छुक अभ्यर्थियों से 5 मार्च से 3 अप्रैल 2020 के बीच ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। इसके उपरांत कोई भी आवेदन मान्य नहीं होगा।
 -डॉ. जितेंद्र कंवर, सचिव, हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर---------------------

तहसीलदार से मारपीट के विरोध में प्रदर्शन

 तहसील कार्यालय ऊना में तहसीलदार पर हमला करने के विरोध में प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी। 
ऊना:- जिला संयुक्त पटवार और कानूनगो महासंघ ऊना ने मंगलवार को तहसील कार्यालय में तहसीलदार से अभद्र व्यवहार और मारपीट के विरोध में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और। उन्होंने उपायुक्त से सख्त से सख्त कार्रवाई करवाने की मांग की।संघ के जिला अध्यक्ष रविंद्र शर्मा ने कहा कि 2 मार्च को तहसीलदार कार्यालय में काम का निपटारा कर रहे थे। उसी समय एक व्यक्ति ने कार्यालय में तहसीलदार के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा मारपीट की। उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो सके। इस घटना की पटवार कानूनगो संघ ऊना ने घोर निंदा की है।रविंद्र शर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर पटवारी एवं कानूनगो अपने कार्यालय में ज्यादातर अकेले ही होते हैं। इसके चलते ऐसे तत्वों से बचाव का कोई विकल्प नहीं रह जाता है। संघ ने चिंता व्यक्त की कि कई जगह क्षेत्रीय स्तर पर महिला पटवारी भी तैनात हैं। इनकी सुरक्षा अत्यंत चिंतनीय है। संघ ने वर्तमान में उत्पन्न समस्या के निराकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। 
इसके साथ संघ ने प्रशासन से मांग की कि कर्मचारी एवं अधिकारीगण की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। अन्यथा आंदोलन प्रदेशव्यापी उग्र रूप धारण कर सकता है।रविंद्र शर्मा ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए कार्यालयों में सीसीटीवी लगाए जाएं। उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा कि इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इसके लिए पुलिस प्रशासन को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से भी पीड़ित तहसीलदार के साथ हैं।

सरकार के खिलाफ सड़कों पर एबीवीपी, धर्मशाला में प्रदर्शन


धर्मशाला :-सीयू को लेकर एबीवीपी ने भाजपा सरकार को घेर लिया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की तरह भाजपा ने भी वोट की राजनीति कर रही है। शिलान्यास के एक साल बाद भी केंद्रीय विवि के स्थायी परिसरों का निर्माण  न हो पाना भाजपा सरकार की नाकामी है। संगठन ने बुधवार को सरकार के खिलाफ धर्मशाला में हल्ला बोला।
प्रदर्शन में केंद्रीय विवि के धर्मशाला, शाहपुर और देहरा परिसरों के अलावा हिमाचल प्रदेश विवि के क्षेत्रीय केेंद्र खनियारा, कांगड़ा, नगरोटा, तकीपुर, डीएवी कांगड़ा, मटौर, शाहपुर और धर्मशाला कॉलेज के छात्रों ने भी भाग लिया। प्रदेश सचिव राहुल राणा ने कहा कि पिछले 23 दिन से एबीवीपी कार्यकर्ता कक्षाओं का बहिष्कार कर आंदोलन कर रहे हैं। 21 फरवरी को शाहपुर स्थित अस्थायी परिसर में मोमबत्तियां जलाकर शोक सभा की। बावजूद कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। इसके चलते छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार का रवैये ऐसा ही रहा, तो आंदोलन का उग्र रूप दिया जाएगा। जरूरत पड़ने चलो धर्मशाला के बाद चलो शिमला और दिल्ली का नारा दिया जाएगा। इस मौके पर एबीवीपी के चंबा-कांगड़ा विभाग के संगठन मंत्री धनदेव ठाकुर, कांगड़ा जिला संगठन मंत्री साहिल चंदेल, सचिन, नवदीप कौशल आदि छात्र नेता मौजूद रहे। 

सीयू के नाम पर खोल दीं अस्थायी दुकानें, राशन नहीं भरा: शबनम
देहरा परिसर की छात्रा नेत्री शबनम ने कहा कि केंद्र सरकार ने सीयू की अस्थायी दुकानें तो खोल दी, लेकिन अब राशन भरना भूल गई है। परिसरों में छात्रों की सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। छात्रावास तो दूर, परिसरों में गर्ल्स कॉमन रूम की सुविधा नहीं है। देहरा में अभी 100 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन लाईब्रेरी में सिर्फ 25 के बैठने का प्रावधान हैं। 

अभी तीन स्थानों पर अस्थायी रूप से चल रही हैं कक्षाएं
केंद्र सरकार ने 2009 में विश्वविद्यालय खोला था। तक से लेकर अभी तक भवन निर्माण नहीं हो पाया है। देहरा, शाहपुर और धर्मशाला में किराये या फिर दूसरे शिक्षण संस्थानों के भवनों में सीयू की कक्षाएं अस्थायी रूप से चल रही हैं। 11 साल से भवन निर्माण की दिशा में कोई स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
(MODERN COMPUTER DEALS IN:-LAPTOP,DESKTOP,CCTV CAMERA,PRINTER.)
                            CONTACT:-8872328030-9464010836-01970256488.

कोरोना वायरस का खौफ: हिमाचल में दो महीने के लिए बंद कर दिए गए तिब्‍बती स्‍कूल, क्या है पूरा मामला पढ़े


धर्मशाला :--कोरोना वायरस की दहशत के बीच तिब्‍बती स्‍कूलों को बंद कर दिया गया है। दरअसल, इन स्‍कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी विदेश में ही फंस गए हैं। दो माह की छुट्टियों के बाद अब स्कूल खुलने का समय था और  विद्यार्थियों ने विभिन्न देशों से भारत आना  था। किसी भी तरह के कोरोना वायरस के संकट से बचने के लिए निर्वासति तिब्बती सरकार व प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए विद्यार्थियों की छुट्टियों को दो माह तक और  बढ़ा दिया है।
अकसर छुट्टियों के दौरान विद्यार्थी नेपाल, भूटान, थाईलैंड समेत अन्य देशों में चले जाते हैं। छुट्टियों के बाद इन विद्यार्थियों ने वापस अपने स्कूलों में आना  था, लेकिन इससे पहले ही छुट्टियों के आदेश  जारी कर दिए हैं।
ये बच्चे जिला कांगड़ा व मंडी में निर्वास‍ित तिब्बती सरकार की ओर  से संचालित टीसीवी स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। इसलिए एहतियात के तौर पर तिब्बतियन चिल्ड्रन विलेज स्कूल (टीसीवी) में दो माह की और छुट्टियां कर दी गई हैं। यह स्कूल तीन मार्च से खुल रहे थे, लेकिन अब यह स्कूल तीन मई को खुलेंगे।

औद्योगिक क्षेत्र संसारपुर टैरेस की टेक- फेब कंपनी में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।


मुकेश कुमार (संसारपुर टैरेस):-क्षेत्रीय कार्यालय कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र संसारपुर टैरेस की टेक- फेब कंपनी में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कंपनी के जनरल मैनेजर श्री अजय डोगरा ने आए हुए मेहमानों का स्वागत किया।  शिविर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा कामगारों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में बिस्तरत जानकारी दी गई, हित लाभो की जानकारी देते हुए ESIC के जनसंपर्क अधिकारी श्री चन्द्र शेखर ने बताया कि बिमाकरित व्यक्तियों को ESIC की ओर से चिकित्सा सुविधाओं तथा कैश हित लाभ के अलावा भी Esi की ओर से चल रहे मेडिकल कालेज में भी विमाकरित के बच्चो को एम. बी. बी. एस कोर्स हेतु 30% सीटें आरक्षित है। इस अवसर पर क्षे‌त्रिय कार्यलय से विशेष तौर पर आए ESIC जनसंपर्क अधिकारी श्री चन्द्र शेखर तथा कार्यलय मेहतपुर के शाखा प्रबंधक श्री धर्मपाल , श्री बलवंत जी , डॉक्टर अमित शालीवाल , दीपक इंटरनेशनल के फैक्टरी मैनेजर मुकेश कुमार (बबलू) के.के. दुबेदी , के. एल.सोबती , आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। श्रीचन्द्र शेखर ने शिविर में मौजूद बीमाकरितों को ESIC की सुविधाओं को लेने के लिए आ रही समस्याओं को सुना तथा उनका जल्द से जल्द समाधान करने का भरोसा दिया । जागरूकता शिविर के उपरान्त ESIC की ओर से बीमाकरितो का स्वस्थ जांच हेतु एक हैल्थ चैक अप कैंप का भी आयोजन किया गया, जिसमें कंपनी के लगभग 100 कर्मचारियों ने अपनी स्वस्थ जांच करवाई ।
जिसमें दीपक इंटरनेशनल कंपनी के फैक्टरी मैनेजर मुकेश कुमार बबलू ने ESIC विभाग को ओद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारियों को   आ रही समस्या के बारे में अवगत कराया कि जब भी किसी कर्मचारी को चोट जा फिर कोई फैक्टरी में  ऐक्सिडेंट हो जाता है तब उसको लेकर जालंधर से पहले कोई भी इमरजेंसी हॉस्पिटल नहीं मिल पाता है और वह भी ESI से टाई अप न होने की वजह से कर्मचारियों का लाखों रुपए का खर्चा हो जाता है ओर उसे ESIC का कोई भी लाभ नहीं मिल पाता है जदी मिलता भी है तो भो ना के बराबर । इसलिए उन्होंने विभाग से प्रार्थना की है कि संसारपुर टैरेस से नजदीक पंजाब के प्रांत मुकेरियां के हॉस्पिटलों के साथ  ESI  का टाई-अप करने के लिए कहा ताकि सभी कर्मचारियों को ESI का  लाभ मिल सके ।

राज्य स्तरीय बैसाखी मेले के आयोजन हेतु एसडीएम ने की बैठक



मुकेश कुमार :-देहरा 04 मार्च  12 अप्रैल को कालेश्वर मंदिर में राज्य स्तरीय बैसाखी मेला का आगाज होगा। कालेश्वर मंदिर परिसर में विभिन्न विभाग के अधिकारियों के साथ मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर ने यह जानकारी दी। एसडीएम ने मेले की तैयारियों को लेकर सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी विभागों को मेले को यादगार बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। अतः विभिन्न गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं के लिए विभागों एवं अधिकारियों की जिम्मेवारियां सुनिश्चित की।
उन्होंने अधिकारीयों से कहा कि कालेश्वर में होने वाला राज्य स्तरीय बैसाखी मेला न केवल क्षेत्र अपितु पूरे प्रदेश की शोभा बड़ाने वाला कार्यक्रम है, अतः इसके संचालन और सूव्यवस्था में कोई भी कमी न छोड़ी जाए। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस तीन दिवसीय मेले की शुरुआत 12 अप्रैल को की जाएगी और विभिन्न कार्यक्रमों के साथ 14 को इसका समापन कर दिया जाएगा। जिसमें विभिन्न कलाकार, स्कूली बच्चे एवं स्थानीय कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम हेतु सांस्कृतिक समिति के सदस्य जल्द बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा निर्धारित करेंगे।
एसडीएम बताया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के सहज स्नान और दर्शन की पूर्ण व्यवस्था की जाएगी। धनबीर ठाकुर ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार और स्कूल भी सम्मिलित होंगे, जिससे क्षेत्र के कलाकारों और विद्यार्थियों को भी अपना हुनर दिखाने का अच्छा मंच मिलेगा।
इस अवसर पर टैंट व्यवस्था व सजावट, सफाई व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम, अतिथि एवं स्वागत व्यवस्था, बिजली व्यवस्था, विभागीय प्रदर्शनी और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेवारियां सुनिश्चि की गई।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी प्रागपुर जी.सी पाठक, नायब तहसीलदार रक्कड़ सतीश कुमार, नायब तहसीलदार परागपुर नाजिर हूसेन, बीएमओ डा सुभाष ठाकुर, शोभा रानी अध्यक्ष पंचायत समिति, जिला परिषद् सदस्या अरुणा डोगरा, बख़्शीश कुमारी, मदन लाल शर्मा, मंदिर न्यास के सदस्य एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे

Monday, March 2, 2020

झटका ----हिमाचल में महंगी होगी बिजली, बोर्ड ने मांगी 8.73 फीसदी की बढ़ोतरी


हिमाचल में बिजली महंगी होने की संभावना बढ़ गई है। राज्य बिजली बोर्ड ने विद्युत नियामक आयोग से बिजली दरों में 8.73 फीसदी की बढ़ोतरी मांगी है। 487 करोड़ के राजस्व घाटे का हवाला देते हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 6000 करोड़ के वार्षिक राजस्व की जरूरत बताई गई है। बीते साल के मुकाबले इस बार बोर्ड ने 882 करोड़ की अधिक मांग की है। बोर्ड की मांगों को आयोग पूरा करता है तो प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को अप्रैल से झटका लग सकता है।
हिमाचल सरकार वर्तमान में 50 हजार करोड़ से अधिक राशि के कर्ज में डूबी हुई है। बिजली बोर्ड के आय के साधन कम और व्यय अधिक होने से घाटा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बोर्ड ने आयोग को भेजी पिटीशन में हिमाचल के 21 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और 30 हजार औद्योगिक घरानों को दी जाने वाली बिजली सप्लाई को 8.73 फीसदी की दर से बढ़ाने की मांग की है। साल 2019 में आयोग ने बोर्ड के 5117.95 करोड़ के वार्षिक राजस्व जरूरत को पूरा करने के लिए घरेलू बिजली प्रति यूनिट पांच पैसे और उद्योगों को दी जाने वाली बिजली को दस पैसे प्रति यूनिट की दर से बढ़ाया था।

इसके बावजूद बोर्ड को 2019-20 में 487.88 करोड़ का घाटा हुआ है। ऐसे में बोर्ड ने 2020-21 के लिए 6000.52 करोड़ के वार्षिक राजस्व जरूरत का प्रस्ताव आयोग को भेजा है। बोर्ड की याचिका पर आने वाले दिनों में नियामक आयोग स्थिति स्पष्ट करेगा। बता दें कि साल 2017-18 और 2018-19 में घरेलू बिजली की दरें नहीं बढ़ाई थीं। साल 2016 में घरेलू बिजली साढ़े तीन फीसदी महंगी हुई थी।

बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं तो सात मार्च तक दो सुझाव
नई बिजली दरों में आप बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं तो सात मार्च तक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। राज्य विद्युत नियामक आयोग साल 2020-21 के लिए बिजली दरें तय करने से पहले जनता की राय भी लेगा। इसी कड़ी में 26 मार्च को आयोग के कसुम्पटी स्थित कार्यालय में जन सुनवाई होगी। सुझाव-आपत्तियों का बिजली बोर्ड 18 मार्च तक लोगों को जवाब भेजेगा। बोर्ड के जवाब से असंतुष्ट लोग 24 मार्च तक दोबारा बात रख सकेंगे।